समूदाय का आर्थिक सषक्तिकरण है पहली प्राथमिकता, इसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी-कलेक्टर

कोण्डागांव, 16 अक्टूबर 2020

‘वर्तमान में तृतीय लिंग समूदायों का आर्थिक सशक्तिकरण होना जरूरी है। इसमें शासकीय प्रयासों के अलावा समाज के हर वर्गों को पहल करनी होगी। क्योंकि प्रायः देखा गया है कि किसी भी वर्ग का आर्थिक पिछड़ापन उसकी मूल समस्या होती है। अतः तृतीय लिंग समूदायों के व्यक्तियों को शासकीय योजनाओं से लाभांवित करने के अलावा स्वरोजगार हेतु विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षित करने से इस लक्ष्य की प्राप्ति हो सकती है। इसके लिए शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना होगा।‘
दिनांक 15.10.2020 को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित ‘थर्ड जेंडर‘ समूदाय के व्यक्तियों की पहचान एवं उनके कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने उक्त आशय के विचार प्रकट किये। बैठक में सहायक संचालक समाज कल्याण विभाग सुश्री ललिता लकड़ा, तृतीय लिंग समूदाय के प्रतिनिधि रजनी यादव, संतोषी, बिजली, पूजा, काजल किन्नर, सामाजिक कार्यकर्ता योगेश खापर्डे, हरेन्द्र यादव उपस्थित थे। कलेक्टर ने आगे कहा कि ट्रांसजेंडर, किन्नर समूदायों के लिए कौशल विकास एवं जिला अंत्यावसायी के तहत् प्रशिक्षण सुविधाएं भी उपलब्ध है। जहां आवश्यकता के अनुरूप रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें सक्षम बनाया जा सकता है ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें। इन वर्गों के आर्थिक सामथ्र्य में मजबूती से ही इनके प्रति सामाजिक सोच भी बदलेगी और इनके लिए आर्थिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में उपलब्ध रिक्तियों पर भी समूदाय के लोगों को उनकी योग्यता अनुसार रोजगार के विकल्प दिये जायेंगे। बैठक में उन्होंने बताया कि पूरे जिले में तृतीय लिंग समूदाय के 35 व्यक्तियों को चिन्हाकित किया गया है। जिनके लिए राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, बैंक पासबुक इत्यादि व्यवस्था करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गये हैं। इसके अलावा इन वर्गों के हितार्थ शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा प्रत्येक समय-सीमा बैठक में भी आवश्यक रूप से की जावेगी। ज्ञात हो कि माननीय उच्चतम न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय द्वारा थर्ड जेंडर समूदाय की दयनीय स्थिति को सुधारने, समाज में उचित स्थान दिलाने एवं शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गये हैं। इस संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के सुझावों के निर्णय के परिपेक्ष्य में क्रियान्वयन की जानकारी भी चाही गई है।
 क्रमांक-562/रंजीत

Source: http://dprcg.gov.in/