जांजगीर-चांपा, 07 नवंबर, 2020

गोठानों से महिला स्व सहायता समूहों की आजीविका तैयार हो इसके लिए आजीविका संसाधन केन्द्र गोठानों में स्थापित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इससे रोजगार प्राप्त हो सके।
     जांजगीर-चांपा जिले में वर्तमान में गोठानों में गोधन न्याय योजना के तहत वर्मी खाद तैयार की जा रही है, जिसमें स्व सहायता समूहों को रोजगार मिल रहा है। इसी तरह से गोठानों अन्य रोजगार मूलक गतिविधियां भी संचालित की जाएगी, ताकि गांव में  स्थानीय स्तर पर ही बेहतर काम लोगों को मिल सके। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकेगा।
     जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल ने कहा कि राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना सुराजी गांव नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के तहत गांव में  गोठानों का निर्माण किया गया है। वर्तमान में गोधन न्याय योजना के तहत गोठानों में ग्रामीण आजीविका स्थापित करने तथा गोठानों को विकसित करने के लिए जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में 5 आदर्श गौठान का चयन किया जाएगा।  ऐसे गोठान जिनमें सभी घटकों का निर्माण पूर्ण करा लिया हो, चारागाह विकास के तहत गोधन हेतु चारा उत्पादित किया गया हो, स्व सहायता समूहों के लिए आजीविका संवर्धन के कार्य लिए जा रहे हो तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन किया जा रहा हो। उन्होंने कहा कि गोठान में वर्तमान में जितने गोबर की खरीदी की जा रही है उतनी ही मात्रा में खाद तैयार की जाए। बैठक में जिला स्तर से बैठक आयोजित की गई जिसमें उपसंचालक कृषि, उपसंचालक पंचायत, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, सहायक संचालक उद्यान, सहायक परियोजना अधिकारी एनआरएलएम सहित जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत स्तर के विभागीय अधिकारी सहित आदर्श गोठान के सरपंच, सचिव, गोठान समिति के अध्यक्ष एवं वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने वाले स्व सहायता समूह के अध्यक्ष उपस्थित थे।
गोठानों की नियमित रूप से होगी मॉनीटरिंग-
    जिला पंचायत सी ई ओ ने जनपद पंचायत स्तरीय फील्ड अमले को गोठान का सतत निरीक्षण करने कहा। द्वितीय चरण के गोठानों को पूर्ण करने के निर्देश भी इस दौरान दिए। उन्होंने गोठान में कार्यरत समूहों को बेहतर प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए ताकि जो भी गोठान में कार्य किया जाए  वह बेहतर हो और उससे समूह की आजीविका निर्धारित हो। गोठान में पर्याप्त मात्रा में चारा, पानी की व्यवस्था बनाए रखने कहा।
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Source: http://dprcg.gov.in/