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आज अशून्य शयन द्वितीया व्रत है। ये व्रत पति-पत्नी के रिश्तों को बेहतर बनाने के लिये बेहद अहम है। इस व्रत में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा – अर्चना करने का विधान है। आज सुबह 10.30 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। 

सूर्य दक्षिणायन। सूर्य दक्षिण गोल। शरद ऋतु। 22 अक्तूबर, शुक्रवार, 30 आश्विन (सौर) शक 1943, 6 कार्त्तिक मास प्रविष्टे 2078, 15 रबी-उल-अव्वल सन् हिजरी 1443, कार्त्तिक कृष्ण द्वितीया रात्रि 12.30 बजे तक उपरांत तृतीया, भरणी नक्षत्र सायं 6.56 बजे तक तदनंतर कृत्तिका नक्षत्र, सिद्धि (असृक) योग रात्रि 9.39 बजे तक पश्चात् व्यतीपात योग, तैतिल करण, चंद्रमा रात्रि 1.39 बजे तक मेष राशि में उपरांत वृष राशि में।

पं. वेणीमाधव गोस्वामी