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इस होली जीवन में बिखरेंगे खुशियों के रंग, इन उपायों को अपनाएं

होली का रंगों भरा त्‍योहार हम सबके जीवन में नई ऊर्जा और उमंग का संचार करता है। भगवान श्रीकृष्ण को होली का त्योहार बहुत प्रिय है। ब्रज क्षेत्र में होली को महोत्सव के रूप में 40 दिनों तक मनाया जाता है। खुशियों के इस त्योहार पर वास्‍तु के कुछ उपायों को आजमाकर आप अपने जीवन से सारी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में। 

होली पर रंग खेलने से पहले भगवान को गुलाल अर्पित करें। मां लक्ष्‍मी और मां दुर्गा को लाल रंग का गुलाल लगाएं। भगवान श्रीकृष्‍ण को नीला गुलाल लगाएं। भगवान विष्‍णु और प्रभु श्रीराम को पीला गुलाल अर्प‍ित करें। भगवान शिव और मां सरस्‍वती को गुलाबी रंग लगाएं। होली पर घर के मुख्य द्वार पर रंगोली अवश्य बनाएं। होलिका दहन के दिन सूखा नारियल, काला तिल, लौंग और पीली सरसों को अपने सिर के ऊपर फेर कर इन चीजों को अग्नि में डाल दें। होली पर घर के मुख्य द्वार पर हल्का गुलाल डाल देना चाहिए। होलिका दहन के बाद लकड़ी की राख को घर लाएं। उसमें राई और नमक मिला दें। होलिका दहन के समय अग्नि में गेहूं की बालियों को सेंका जाता है जिसे बाद में खा लिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे व्यक्ति निरोगी रहता है। होली पर जरूरतमंदों को भोजन अवश्य कराएं। घर में सुख-समृद्धि के लिए होली के दिन घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और दोमुखी दीपक जलाएं। होली के दिन भगवान शिव की पूजा को भी शुभ माना जाता है। होलिका की भस्म को शिवलिंग पर अर्पित करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर पर रंग चढ़ाएं। होलिका की राख को बहुत पवित्र माना जाता है। होली की राख को घर के आग्‍नेय कोण में लाकर रखें। होलिका की राख को स्‍नान के बाद अपने माथे और गले पर जरूर लगाएं। ऐसा करने से बुरी नजर से रक्षा होती है। हल्‍के रंग के कपड़े पहनकर होली खेलें। होली पर सफेद रंग के कपड़े पहनकर होली खेलना शुभ माना जाता है। 

इस आलेख में दी गईं जानकारियों पर हम यह दावा  नहीं करते कि यह पूर्णतया सत्य एवं  सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य कर लें।