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ऐसे बिताएं फाल्गुन माह, कान्हा की उपासना से बनेंगे बिगड़े काम

फाल्गुन मास को सबसे पवित्र माह माना जाता है। इस माह का धार्मिक रूप से विशेष महत्व है। फाल्गुन माह साल का अंतिम मास है। इस माह से ग्रीष्म ऋतु का आगमन होने लगता है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस माह भगवान श्रीकृष्ण के तीन स्वरूप बाल कृष्ण, युवा कृष्ण एवं गुरु कृष्ण की सच्चे मन से पूजा-आराधना करता है, उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस माह में वास्तु में बताए कुछ विशेष उपाय अवश्य करने चाहिए। आइए जानते हैं इनके बारे में। 

मान्यता है कि फाल्गुन माह में चंद्रमा का जन्म हुआ, इसलिए इस माह चंद्रमा की उपासना का विशेष महत्व है। इस माह सफेद फूल, दही, सफेद शंख, चीनी, चावल, सफेद चंदन, सफेद वस्त्र आदि का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस माह में पूर्णिमा पर चंद्रदेव के दर्शन करने से मन को शांति प्राप्त होती है। इस माह कुछ समय चंद्रमा की रोशनी में बैठना चाहिए। फाल्गुन माह में शिवलिंग पर जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। फाल्गुन माह में प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा करें और व्रत रखें। जो लोग संतान सुख प्राप्ति की कामना कर रहे हैं, उन्हें बाल गोपाल की विधिवत पूजा करनी चाहिए। वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे जातकों को भगवान श्रीकृष्ण के युवा स्वरूप की पूजा करनी चाहिए। जो लोग गुरु कृष्ण की विधि-विधान से पूजा करते हैं, उन्हें मोक्ष एवं वैराग्य की प्राप्ति होती है। फाल्गुन मास में घी, तिल, सरसों का तेल, मौसमी फल आदि का दान करें। इस माह ठंडे पानी से स्नान करें। फल का सेवन करें। अनाज का सेवन कम से कम करें। रंग बिरंगे और सुंदर कपड़े पहनें। फाल्गुन मास के दौरान प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें सफ़ेद चंदन अर्पित करें। इस पूरे माह मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें गुलाब के फूल या फिर गुलाब वाला इत्र अर्पित करें। फाल्गुन माह में भूल से भी बुजुर्गों का अपमान न करें और न ही किसी से विवाद करें। फाल्गुन में अपने घर में तुलसी का पौधा लगाएं। तुलसी में नियमित रूप से जल प्रदान करें। 

इस आलेख में दी गईं जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि यह पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।