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कब मनाई जाएगी अखुरथ संकष्टी चतुर्थी, जानें इस सप्ताह का अशुभ राहुकाल

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष मास का प्रारंभ आज 9 दिसंबर से हो गया है। विक्रम संवत का यह 10वां महीना भगवान सूर्य को समर्पित है। पौष मास में भगवान सूर्य की उपासना करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। पौष मास की शुरुआत 9 दिसंबर से हो गई है जिसका समापन 6 जनवरी 2023 को होगा। पौष मास के हर रविवार को भगवान सूर्य को ध्यान में रखकर व्रत करना चाहिए। रविवार के दिन व्रत में तिल और चावल की बनी खिचड़ी का सेवन करना चाहिए। इस महीने में भगवान सूर्य की पूजा करने से व्यक्ति के बुद्धि व तेज में वृद्धि होती है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी:  पौष मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा की जाती है। इस साल अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत 11 दिसंबर को मनाया जाएगा। इस दिन व्रत करने से जीवन में सुख- शांति बनी रहती है और व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता मिलने लगती है। 

राहुकाल: वैदिक ज्योतिष के अनुसार राहु एक अशुभ ग्रह है। राहु के अशुभ प्रभाव से बचाने के लिए किसी भी शुभ कार्य को राहु गोचर के समय नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं इस सप्ताह का अशुभ राहुकाल-

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 9 दिसंबर: सुबह 10:56 से लेकर दोपहर 12:13 मिनट तक।

10 दिसंबर: सुबह 09 :38 से लेकर 10:56 मिनट तक।

11 दिसंबर: शाम 04:07 से लेकर 05:25 मिनट तक।

12 दिसंबर: सुबह 08:22 से लेकर 09:40 मिनट तक।

13 दिसंबर: दोपहर 02:50 से लेकर शाम 04:08 तक

14 दिसंबर: दोपहर 12:16 से लेकर 01:33 मिनट तक।

15 दिसंबर: दोपहर 01:34 से लेकर 02: 51 मिनट तक।